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कानून-व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सख्त एक्शन

कानून-व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सख्त एक्शन

दो आरपीएस एवं एक जेल सेवा अधिकारी पर गिरी गाज, महिला बंदी सुधार गृह की उपाधीक्षक निलंबित, एक आरपीएस पर सीसीए नियम 16 में कार्रवाई तथा एक के विरूद्ध विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित

जयपुर। राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अनियमितता एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर राजस्थान पुलिस सेवा के दो अधिकारियों एवं जेल सेवा की एक अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की मंजूरी दी है। जेल सेवा की अधिकारी को निलंबित करने तथा एक आरपीएस अधिकारी के विरूद्ध सीसीए नियम 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा एक के विरूद्ध विभागीय जांच किए जाने की अनुमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने महिला बंदी सुधार गृह, जयपुर में पदस्थापित उपाधीक्षक सरोज विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय जयपुर से भरतपुर किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। सरोज विश्नोई के विरूद्ध प्राप्त परिवाद में बताया गया था कि वे सुधार गृह की एक महिला बंदी को अपने साथ रखती थी और उस महिला बंदी का कार्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप था। साथ ही, विश्नोई द्वारा पैसे लेकर बंदियों को नियम विरूद्ध सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने की भी शिकायत थी। मुख्यमंत्री ने जोधपुर पुलिस आयुक्तालय में पदस्थापित सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर क्राइम देरावर सिंह के विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत अनुशासनिक कार्यवाही के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। देरावर सिंह ने पुलिस थाना कामां, डीग में पुलिस निरीक्षक के पद पर पदस्थापित रहते हुए अपने पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरती। हत्या जैसे गंभीर अपराध में आठ में से केवल एक अभियुक्त को अनुसंधान में दोषी मानते हुए सात अभियुक्तों को बचाने का प्रयास किया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने आरपीएस अधिकारी लाभुराम विश्नोई के विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित मानते हुए विभागीय जांच रिपोर्ट का अनुमोदन किया है। लाभुराम विश्नोई ने पुलिस थाना चैथ का बरवाड़ा जिला सवाईमाधोपुर क्षेत्र में बनास नदी में बजरी माफियाओं के विरूद्ध कार्रवाई के दौरान अवैध खनन एवं परिवहन के विरूद्ध कार्रवाई से संबंधित निर्देशों की अवहेलना की, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई और स्वयं सहित पुलिस जाब्ते की जान को जोखिम में डाला। साथ ही, कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के साथ कोई समन्वय भी नहीं किया। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इन निर्णयों से प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही तय होने के साथ ही कार्मिकों की कार्यशैली में पारदर्शिता एवं दक्षता आएगी।

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