बैर के पेड़ के नीचे छिपी थी अफीम की खेप, 8.202 किलो बरामद
जयपुर। ‘नशा मुक्त राजस्थान-2029’ अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एएनटीएफ ने बाड़मेर में लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र के जुनेजा मेहरों की बस्ती, हरियाली ग्राम पंचायत भाड़खा में टीम ने जमीन में छिपाकर रखी गई 8.202 किलोग्राम अफीम बरामद की।
पुलिस के अनुसार बरामद खेप में 7.186 किलोग्राम अफीम का दूध और 1.016 किलोग्राम विनिर्मित अफीम शामिल है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 85 लाख रुपए आंकी गई है। मामले में मोडाराम पुत्र मुलाराम प्रजापत को गिरफ्तार किया गया है।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मादक पदार्थों के खिलाफ यह अभियान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान टीम को सूचना मिली थी कि मोडाराम अपने घर और खेत से मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त करता है और बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ छिपाकर रखता है।
सूचना की पुष्टि के बाद एएनटीएफ टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखकर खेत में मौजूद आरोपी घबरा गया। पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद एएनटीएफ और बाड़मेर ग्रामीण थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से घर तथा खेत की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान टीम को बैर के पेड़ के नीचे जमीन में गड्ढा मिला। मिट्टी हटाने पर वहां छिपाकर रखी गई अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि एएनटीएफ ने दो दिन पहले भी बाड़मेर में जमीन के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाई गई अफीम, विनिर्मित अफीम और डोडा-चूरा की बड़ी खेप पकड़ी थी। इसके बाद टीम ने ऐसे संभावित ठिकानों पर निगरानी और सूचना तंत्र को और मजबूत किया।
आईजी विकास कुमार ने कहा कि तस्कर मादक पदार्थ छिपाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन एएनटीएफ का सूचना तंत्र लगातार ऐसे ठिकानों तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में शामिल टीमों को एएनटीएफ मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।