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10 जून का पंचांग : कब है शुभ मुहूर्त, जानें राहुकाल और नक्षत्र

10 जून का पंचांग : कब है शुभ मुहूर्त, जानें राहुकाल और नक्षत्र

10 जून 2026, बुधवार का दिन पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के अंतर्गत रहेगा। यह तिथि अगले दिन देर रात तक प्रभावी रहेगी, इसलिए पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों और दैनिक कार्यों में दशमी तिथि का प्रभाव माना जाएगा।

नक्षत्र की बात करें तो सुबह 9:21 बजे तक उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद रेवती नक्षत्र का आरंभ होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में रेवती नक्षत्र को शुभ और मंगलकारी माना जाता है, जो पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समझा जाता है।

दिन की शुरुआत आयुष्मान योग के साथ होगी, जो सुबह 6:29 बजे तक रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा। मान्यता है कि सौभाग्य योग में किए गए कार्यों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की संभावना अधिक रहती है।

ग्रहों की स्थिति के अनुसार चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि सूर्य वृषभ राशि में स्थित रहेंगे। मीन राशि में चंद्रमा का गोचर मानसिक शांति, संवेदनशीलता और आध्यात्मिक चिंतन को बढ़ावा देने वाला माना जाता है।

10 जून 2026 का प्रमुख पंचांग

  • तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी
  • नक्षत्र: उत्तरभाद्रपदा (सुबह 9:21 बजे तक), इसके बाद रेवती
  • योग: आयुष्मान (सुबह 6:29 बजे तक), फिर सौभाग्य योग
  • चंद्र राशि: मीन
  • सूर्य राशि: वृषभ

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 5:44 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 7:08 बजे
  • चंद्रोदय: रात 1:24 बजे
  • चंद्रास्त: दोपहर 2:11 बजे

शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:08 बजे से 4:56 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 4:35 बजे से 6:10 बजे तक

अशुभ समय

  • राहुकाल: दोपहर 12:26 बजे से 2:06 बजे तक
  • यमगंड काल: सुबह 7:25 बजे से 9:05 बजे तक
  • कुलिक काल: सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त जैसे समय में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है, जबकि ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल को पूजा-पाठ एवं शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना जाता है।

 

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