महिला नर्सेज के नेतृत्व में दिया गया धरना
सीकर। प्रांतीय आव्हान पर जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों पर नर्सेज का सुबह दो घंटे गेट मीटिंग के साथ कार्य बहिष्कार जारी होने के कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले रोगियों को 10 बजे बाद ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल पा रहीं हैं । आज भी जिले के मुख्यालय पर स्थित एवम ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सेज द्वारा जबरदस्त नारेबाजी करते हुए मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया । वही श्री कल्याण चिकित्सालय में नर्सेज का धरना एक माह से भी अधिक समय से लगातार जारी है, आज श्री कल्याण चिकित्सालय एवम मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र की महिला नर्सेज धरने पर बैठी । नर्सेज के आंदोलन के चलते आमजन को होने वाली परेशानी के लिए नर्सेज द्वारा सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है । नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संघर्ष संयोजक सुखवीर गोरा, सीताराम जांगिड़ तथा महिला संघर्ष संयोजिका मनोरमा थपलियाल ने संयुक्त बयान जारी करते हुए बताया की नर्सेज पीडि़त मानवता की सेवा करने वाला वर्ग है और आम जन को आंदोलन से होने वाली परेशानी से नर्सेज स्वयं आहत हैं तथा सरकार से मांग करते हैं की नर्सेज की मांगों पर कार्यवाही कर समाधान किया जाए अन्यथा 25 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर समस्त नर्सेज जयपुर पहुंचेंगे । नर्सेज के ध्यानाकर्षण आंदोलन को नजर अंदाज किए जाने से नर्सेज के बढ़ते रोष के परिणाम स्वरूप आंदोलन तेज हुआ है सरकार संवाद स्थापित कर आम जन को होने वाली परेशानी से बचा सकती है ।