पाकिस्तान दौरे पर गोगोई की चुप्पी पर सवाल, हिमंत का बड़ा आरोप
असम। असम की राजनीति में रविवार को उस समय हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पुराने पाकिस्तान दौरे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2013 में हुए इस दौरे के दौरान गोगोई की गतिविधियां सामान्य नहीं थीं और वह करीब 10 दिनों तक डिजिटल दुनिया से पूरी तरह गायब रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पाकिस्तान में गोगोई को जिन शहरों में जाने की अनुमति मिली थी, उसमें वहां के गृह मंत्रालय ने बदलाव किया था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर किन परिस्थितियों में उनकी यात्रा योजना बदली गई और उस समय वे सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल माध्यम पर सक्रिय क्यों नहीं थे।
हिमंत सरमा ने आगे कहा कि इस दौरान गोगोई संभवतः कुछ विशेष सत्रों या प्रशिक्षण में शामिल रहे होंगे। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान से लौटने के बाद उनके व्यवहार और राजनीतिक गतिविधियों में बदलाव देखा गया, जो कई संदेहों को जन्म देता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि बाद में गोगोई संसद में पहुंचकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर लगातार सवाल उठाने लगे। उनके मुताबिक, यह सिलसिला उसी पाकिस्तान दौरे से जुड़ा हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय गौरव गोगोई असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के सरकारी आवास में रहते थे, जो सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक स्थिति थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
इसके अलावा, हिमंत सरमा ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब किसी मौजूदा सांसद पर इस तरह के आरोप लगते हैं, तो इसकी गंभीरता अपने आप बढ़ जाती है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
फिलहाल इन आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।