राजस्थान को रेलवे का रिकॉर्ड बजट, सीमावर्ती इलाकों पर खास फोकस
जयपुर। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान में रेलवे और आधुनिक तकनीकी ढांचे के विकास के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य को रेलवे क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटन मिला है, जिससे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है।
मीडिया से बातचीत के दौरान वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले राजस्थान को रेलवे के लिए करीब 600 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि अब यह बढ़कर 10,228 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस निवेश से रेलवे नेटवर्क का विस्तार, सुविधाओं का आधुनिकीकरण और यात्रियों के लिए बेहतर सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 450 रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें से 200 से अधिक स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने, लंबाई विस्तार, शेड निर्माण और अन्य यात्री सुविधाओं के विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 85 स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। जयपुर रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक स्वरूप देने का काम तेज गति से जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर समेत कई शहरों को नई अमृत भारत और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं का लाभ मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि दरभंगा-अजमेर ट्रेन, जो फिलहाल साप्ताहिक रूप से संचालित होती है, अगले दो महीनों में दैनिक सेवा में परिवर्तित की जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
वैष्णव ने सीमावर्ती जिलों के विकास को केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि बॉर्डर क्षेत्रों में रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। इससे स्थानीय आबादी को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सामरिक दृष्टि से भी क्षेत्र मजबूत होगा।
उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में राजस्थान की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जयपुर स्थित एमएनआईटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी अत्याधुनिक लैब विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा जयपुर में एआई डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विस्तार दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार इन पहलों से युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राजस्थान डिजिटल तथा तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि राज्य को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना भी है।