Dark Mode
मुख्यमंत्री के लिए संघ की पसंद को मिली तरजीह

मुख्यमंत्री के लिए संघ की पसंद को मिली तरजीह

देश की हिंदी पट्टी के तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य शीर्ष पदों पर राष्ट्रीय
स्वयं सेवक संघ की पसंद के विधायकों के चयन की सियासत में बड़ी चर्चा हो रही है। भाजपा
आलाकमान ने तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के नाम पर जारी सस्पेंस को खत्म करते हुए तीन नए
चेहरों को राज्यों की कमान सौंपी है। तीनों ही राज्यों में मुख्यमंत्री की रेस में पूर्व मुख्यमंत्रियों
सहित अनेक दिग्‍गजों के नाम थे, लेकिन सभी को पछाड़कर ऐसे विधायकों को तरज़ीह दी गई
जो संघ के नज़दीकी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की भी पसंद थे। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के
नये मुख्यमंत्री कई बार सांसद विधायक और मंत्री रह चुके है मगर राजस्थान के मुख्यमंत्री
पहली बार के विधायक है। ऐसा कर भाजपा और संघ ने एक तीर से कई निशाने साधे है।
पुरानी पीढ़ी के नेताओं को प्रदेशों की सियासत से दूर कर नए चेहरों पर अपना विश्वास व्यक्त
किया है वहीं जातीय समीकरण भी साधे गए है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोदी ने
राजस्थान में ब्राह्मण, छत्तीसगढ़ में आदिवासी और मध्य प्रदेश में ओबीसी चेहरे का चुनाव
आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किया है। भाजपा आलाकमान ने अपने पूर्व
मुख्यमंत्रियों को उनके कद के अनुरूप जिम्मेदार पदों पर समायोजित करने के संकेत दिए है।
एक विशेष बात का यहां उल्लेख करना समीचीन होगा कि राजस्थान जैसे प्रदेश में कांग्रेस
सरकार ने संघ के शीर्ष लोगों को परेशान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। संघ के कुछ
पदाधिकारियों को भ्रष्टाचार में फंसाने का षड़यंत्र भी रचा गया जिसमें कांग्रेसी नेता सफल नहीं
हुए। संघ के वरिष्ठ प्रचारक निम्बाराम इसका ज्वलंत उदहारण है। कांग्रेसी नेताओं ने संघ के
बारे में आधारहीन बयान भी दिए। इससे संघ के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश था। संघ ने अनेक
स्थानों पर अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान में उतारकर उन्हें जिताने के लिए जी जान लगा
दी। कांग्रेसी नेताओं के संघ पर लगाए आरोप उन्हीं पर भारी पड़े।
गौरतलब है राहुल गांधी को आधारहीन बयान पर सज़ा मिलने के बाद भी लगता है कांग्रेसी
नेताओं ने कोई सबक नहीं सीखा है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सम्बन्ध में कांग्रेस नेता कुछ
न कुछ विवादित बयान देते रहते है। राहुल गांधी पर तो कई केस अदालतों में पहले ही चल रहे

है। उसी दिशा में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर
हमला करने का कोई मौका नहीं चूकते। कई बार ये उनके लिए मुसीबत बन जाती है। राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ पर कुछ भी बोलना एक फैशन बन गया है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
दिग्विजय सिंह सरीखे कुछ नेता गाहे बगाहे संघ पर प्रतिबन्ध की मांग करते रहते है। कांग्रेस के
कुछ नेताओं के अलावा असदुद्दीन ओवैसी सहित जेडीयू और आरजेडी के नेताओं ने भी
आरएसएस को ज्यादा जहरीला संगठन करार दिया है। कल तक भाजपा के साथ मिलकर बिहार
में सरकार चलाने वाले नेता भी अब संघ पर प्रतिबन्ध की मांग कर रहे है जो सियासी
अवसरवादिता को दर्शाता है। ये नेता वापस फिर भाजपा के साथ हो जाये इसकी भी कोई गारंटी
नहीं है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम आज बच्चे से बुजुर्ग की जुबान पर है। मीडिया में सदाबहार सुर्खि़यों में
रहता है। आज गाहे बगाहे हर काम में संघ का नाम लेना एक फैशन हो गया है। कांग्रेस और आम आदमी
पार्टी सहित कुछ नेता हर काम में संघ का नाम जपते है। मोदी सरकार के हर काम के पीछे संघ का हाथ होने
का आरोप लगाते है जबकि संघ का कहना है वह एक सांस्कृतिक संगठन है। उसकी विचारधारा भाजपा से
मेल खाती है और कुछ स्वयंसेवक संघ भाजपा में सक्रीय है। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की जुबान पर हर
समय संघ का नाम रहता है। केजरीवाल भी संघ का नाम हर कार्य में घसीटते है। कुछ अन्य पार्टियां भी संघ
पर आरोप लगाते नहीं थकते। देश में जहाँ कहीं भी कोई विवाद या दंगा होता है उसमें संघ का हाथ होने का
आरोप भी लगाया जाता है मगर यह आजतक प्रमाणित नहीं हुआ है।
आजादी के बाद से ही कांग्रेस के निशाने पर रहा है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। लाख चेष्टा के बावजूद कांग्रेस
संघ को समाप्त करना तो दूर हाशिये पर लाने में सफल नहीं हुआ। संघ को खत्म करने के चक्कर में खुद
कांग्रेस अपना वजूद समाप्त करने की ओर अग्रसर है। संघ को वैधता दिलाने में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी
भी पीछे नहीं रहे। परिवार और कांग्रेस के भारी विरोध के बावजूद वे नागपुर में संघ मुख्यालय गए। यह
पहला अवसर था की इतने बड़े कद के किसी कांग्रेसी नेता को संघ मुख्यालय में जाते देखा गया। देश में
अनेक विपदाओं के दौरान संघ के कार्यकर्ताओं ने समाज सेवा की अनूठी मिसाल कायम की, यह किसी से
छिपा नहीं है।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!