ट्रंप का बड़ा बयान : चुनाव को ‘राष्ट्रीय मुद्दा’ बनाने की अपील
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी से भविष्य के चुनावों को राष्ट्रीय भावना के साथ लड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आगामी मध्यावधि चुनाव को केवल स्थानीय नहीं, बल्कि देशव्यापी मुद्दा बनाकर लड़ा जाना चाहिए।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने एफबीआई के पूर्व उप निदेशक डैन बोंगिनो के एक पॉडकास्ट में कहा कि रिपब्लिकन को कम से कम 15 सीटों पर जीत का लक्ष्य तय करना चाहिए और चुनाव को राष्ट्रीय स्तर पर लड़ना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रशासन चुनाव नियमों में बदलाव की कोशिश कर रहा है।
यह टिप्पणी जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी स्थित एक चुनाव कार्यालय पर हुई एफबीआई की तलाशी के बाद सामने आई है। यह कार्यालय लंबे समय से ट्रंप के 2020 चुनाव में कथित धोखाधड़ी के दावों का केंद्र रहा है। हालांकि, इन आरोपों को अब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है।
ट्रंप ने दावा किया कि कुछ राज्यों में मतगणना में हेराफेरी होती है और उनकी जीत को हार में बदला गया। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश से मतदान से जुड़े दस्तावेज हासिल किए गए हैं, जिससे सच्चाई सामने आ सकती है।
राष्ट्रीय खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गैबार्ड ने बताया कि राष्ट्रपति ने उन्हें खुद अटलांटा जाकर स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया था। उन्होंने एफबीआई एजेंटों से भी ट्रंप की बात करवाई, जिससे उनका मनोबल बढ़ाया गया।
गौरतलब है कि अमेरिका में चुनावों का संचालन राज्य और स्थानीय प्रशासन करते हैं, जिसमें केंद्र सरकार की भूमिका सीमित होती है। इसके बावजूद ट्रंप लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की मांग करते रहे हैं।
पिछले साल उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें मतदान के दौरान नागरिकता प्रमाण दिखाना अनिवार्य किया गया था। साथ ही, डाक मतपत्रों की गिनती पर भी रोक लगाने का प्रयास किया गया, जिसे अदालत ने आंशिक रूप से रोक दिया।
ट्रंप ने पहले भी डाक मतपत्र प्रणाली को खत्म करने और वोटिंग मशीन को अनिवार्य करने की बात कही है। इसके अलावा, उन्होंने रिपब्लिकन को अधिक सीटें दिलाने के लिए पुनर्सीमांकन अभियान भी शुरू किया है।
इधर, डेमोक्रेटिक दल से जुड़े कई चुनाव अधिकारी इन बदलावों का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं। मिनेसोटा के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट स्टीव साइमन ने कहा कि चुनाव प्रणाली में मनमाने बदलाव का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा और मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के इन बयानों और कदमों से अमेरिका में चुनावी राजनीति और अधिक विवादित हो सकती है।