पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स घटा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाए जाने वाले शुल्क में कटौती की है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ के निर्यात पर लागू शुल्क की नई दरें तय की गई हैं। यह बदलाव वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसमें 0.5 रुपये प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी यानी एसएईडी शामिल है, जबकि रेवेन्यू इंटीग्रेशन चार्ज (आरआईसी) शून्य रखा गया है।
डीजल के मामले में कुल शुल्क अब 20 रुपये प्रति लीटर होगा। इसमें 20 रुपये प्रति लीटर की एसएईडी शामिल है और आरआईसी लागू नहीं है। वहीं, एटीएफ के निर्यात पर एसएईडी के तहत शुल्क घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू बाजार में खपत के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी ताजा फैसला मुख्य रूप से निर्यात से जुड़े शुल्क पर है।
केंद्र सरकार घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की नियमित रूप से समीक्षा करती है। यह समीक्षा आमतौर पर हर पखवाड़े होती है और इसमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ रिफाइनरी मार्जिन को भी ध्यान में रखा जाता है।
ताजा कटौती ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ महीनों में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में कई बदलाव किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच सरकार लगातार इन दरों की समीक्षा करती रही है।
इससे पहले 1 सितंबर से लागू पिछली समीक्षा में डीजल के निर्यात शुल्क को 3 रुपये से घटाकर 1 रुपये प्रति लीटर किया गया था। इसी दौरान डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स भी 24 रुपये से घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर किया गया था।
अगस्त में सरकार ने पेट्रोल के निर्यात शुल्क को 2.5 रुपये से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया था। डीजल पर कुल शुल्क 15.5 रुपये से बढ़ाकर 25.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क 14.5 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर किया गया था।