भारत पर बड़ा दांव, मार्वेल टेक्नोलॉजी करेगी 250 मिलियन डॉलर का निवेश
बेंगलुरु। अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी ने भारत में अपने विस्तार की बड़ी योजना का ऐलान किया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में 250 मिलियन डॉलर (करीब 25 करोड़ डॉलर) का निवेश करेगी। इस निवेश का उद्देश्य रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी), इंजीनियरिंग क्षमता और तकनीकी बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाना है।
यह घोषणा भारत में कंपनी के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई। मार्वेल ने इस अवधि में अपने भारतीय कर्मचारियों की संख्या को भी दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। विस्तार योजना के तहत बेंगलुरु कार्यालय में नया विंग शुरू किया गया है, जबकि हैदराबाद में भी कंपनी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
कंपनी का कहना है कि यह विस्तार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर समाधानों के विकास को गति देगा। भारत को कंपनी ने वैश्विक इंजीनियरिंग और नवाचार के लिए एक रणनीतिक केंद्र बताया है।
मार्वेल के वाइस प्रेसिडेंट और इंडिया कंट्री मैनेजर नवीन बिश्नोई ने कहा कि भारत अब कंपनी के लिए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां की टीमें उन आधुनिक तकनीकों के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं, जिनका उपयोग दुनिया की प्रमुख हाइपरस्केलर और क्लाउड सेवा प्रदाता कंपनियां करती हैं।
मार्वेल ने वर्ष 2006 में बेंगलुरु से भारत में अपना संचालन शुरू किया था। आज भारत कंपनी का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिसर्च एंड डेवलपमेंट केंद्र बन चुका है। बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग सेंटरों में 2-नैनोमीटर और उससे आगे की सेमीकंडक्टर तकनीक, हाई-स्पीड एनालॉग आईपी, सबसिस्टम डिजाइन, सॉफ्टवेयर, फर्मवेयर और एंड-टू-एंड सिलिकॉन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, भारतीय इंजीनियरिंग टीमें कई अहम तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित कर रही हैं। उनके नाम कई पेटेंट दर्ज हैं और उत्पाद विकास को तेज करने के लिए एआई आधारित आधुनिक टूल्स का भी व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा मार्वेल विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स, उद्योग संगठनों और सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में भी निवेश बढ़ाएगी।