बजट विकसित राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम-कन्हैया लाल चौधरी
टोंक। राजस्थान बजट पर भाजपा कार्यालय टोंक पर प्रेसवार्ता आयोजित की गई। जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर, निवाई-पीपलू विधायक रामसहाय वर्मा ने प्रेसवार्ता की। जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार के बजट को जनहित केंद्रित बताते हुए कहा कि बजट आमजन के हित को ध्यान में रखा गया है। यह बजट विकसित राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम है। चौधरी ने कहा कि युवाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण योजनाएं उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करेंगी, वहीं महिलाओं के लिए ‘‘लखपति दीदी’’ जैसी योजनाएं आर्थिक सशक्तिकरण को गति देंगी। प्रस्तुत बजट गरीब, युवा, अन्नदाता व नारी शक्ति के सर्वांगीण विकास को समर्पित है। उन्होंने बताया कि 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए के इस बजट का आकार वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। राज्य के अवसंरचना विकास के लिए 53 हजार 978 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में दोगुने से अधिक है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व बजट से 53 प्रतिशत अधिक है। कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत तथा ग्रीन बजट में 20.81 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।उन्होंने कहा कि शिक्षा सुविधाओं के विस्तार हेतु 69 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 400 विद्यालयों को क्रमोन्नत कर सीएम राइज विद्यालय बनाया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं के पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की घोषणा की गई है तथा ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वीबीजी योजना में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण महिला बीपीओ की स्थापना, नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में ऋण सीमा वृद्धि, जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन का विकास तथा शेखावाटी हवेली योजना के अंतर्गत 660 चिन्हित हवेलियों के पुनरुद्धार का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण के प्रति समर्पित सरकार ने असहाय एवं लावारिस व्यक्तियों को दस्तावेजों के अभाव में भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एवं निरोगी राजस्थान योजना के तहत नि:शुल्क उपचार का लाभ देने की घोषणा की है। जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट, लैपटॉप, साइकिल एवं यूनिफॉर्म हेतु डीबीटी के माध्यम से ई.वाउचर उपलब्ध कराए जाएंगे। युवाओं के लिए 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है तथा 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। अन्नदाता किसानों के लिए यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक लाने हेतु 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। 35 लाख से अधिक किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाएंगे तथा 800 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान पर व्यय किए जाएंगे। नारी शक्ति सशक्तिकरण के लिए 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं की स्थापना, जिला स्तर पर महिला बीपीओ की स्थापना, 5 हजार महिलाओं को बीसी सखी तथा 1 हजार महिलाओं को बैंक सखी बनाने का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने वाला है। ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’’ के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए यह बजट महिला, युवा, मजदूर, वंचित व किसान सहित सभी वर्गों के कल्याण को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल रकम का हिसाब नहीं, बल्कि शासन की सोच का आइना है। इसमें विकसित राजस्थान का स्पष्ट विजन प्रस्तुत किया गया है। अवसंरचना विस्तार, नागरिक सुविधाओं में वृद्धि, औद्योगिक विकास एवं निवेश प्रोत्साहन, मानव संसाधन सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा सुदृढ़ीकरण, पर्यटन, कला-संस्कृति, कृषि, पशुपालन, डेयरी एवं हरित विकास जैसे क्षेत्रों में ठोस प्रावधान किए गए हैं। वर्ष 2047 तक राजस्थान को 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह बजट महत्वपूर्ण आधार स्तंभ सिद्ध होगा।इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश माहुर, जिला महामंत्री विष्णु शर्मा, प्रभु बाडोलिया, नरेश बंसल, जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र चौधरी, बबलू टैंकर एवं मीडिया प्रभारी कमलेश यादव आदि मौजूद थे।