कच्चा तेल फिर हुआ सस्ता, वैश्विक तनाव घटने से कीमतों में बड़ी गिरावट
New Dehli : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशकों की चिंता घटी है, जिसके चलते शुक्रवार को ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों के दाम करीब दो प्रतिशत तक लुढ़क गए।
ताजा कारोबार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 1.84 प्रतिशत गिरकर 74.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स 2.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 70.41 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
हालांकि, ओमान के नजदीक एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले ने कुछ समय के लिए बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी। इस घटना के बाद पिछले कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख बेंचमार्क में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली थी। सुरक्षा कारणों से संयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी ने अपना स्वैच्छिक निकासी कार्यक्रम भी अस्थायी रूप से रोक दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर ईरान की ओर से गोलीबारी की गई। वहीं, ईरानी पक्ष का कहना है कि निर्धारित समुद्री मार्ग से बाहर चलने वाले जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसकी नहीं है।
इन घटनाओं के बावजूद बाजार का मानना है कि तेल आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। संघर्ष विराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही में सुधार आया है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हुई हैं। इसी वजह से सप्ताहभर में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों में लगभग आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
भारत के लिए भी राहत की स्थिति बनी हुई है। घरेलू रिफाइनरियों द्वारा आयात किए जाने वाले ब्रेंट, ओमान और दुबई ग्रेड के औसत पर आधारित भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट की औसत कीमत जून में अब तक 86.31 डॉलर प्रति बैरल रही है। इससे पहले मई में यह औसत 106.23 डॉलर और अप्रैल में 114.48 डॉलर प्रति बैरल थी।
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था, लेकिन फिलहाल इसकी कीमत घटकर करीब 74 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है।