विदेश से आने वाली फर्जी कॉल पर लगाम के लिए दूरसंचार विभाग ने प्रणाली शुरू की
नयी दिल्ली । दूरसंचार विभाग ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारियों का वेष धारण कर लोगों को धमकाने के लिए विदेश से की जाने वाली ‘स्पूफ’ कॉल को पहचान कर उसे ब्लॉक करने की प्रणाली लागू कर दी गई है। विभाग ने एक बयान में कहा कि नई ‘अंतरराष्ट्रीय इनकमिंग स्पूफ कॉल निवारक प्रणाली’ ने सक्रिय होने के महज 24 घंटों में ही लगभग 1.35 करोड़ कॉल को स्पूफ कॉल के रूप में पहचाना और ब्लॉक किया है। दूरसंचार विभाग ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से भारतीय दूरसंचार ग्राहकों को इस तरह की स्पूफ कॉल आने में उल्लेखनीय कमी देखने को मिलेगी।
दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संचार और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री पी चंद्रशेखर की मौजूदगी में इस प्रणाली की शुरुआत की। बयान के मुताबिक, साइबर अपराधी भारतीय मोबाइल नंबर को प्रदर्शित करके अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल के जरिये साइबर अपराध कर रहे हैं। ये कॉल देश के भीतर से ही की गई लगती हैं लेकिन असल में इन्हें कॉलिंग लाइन पहचान (सीएलआई) में हेराफेरी करके विदेश से किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग ने कहा कि इन स्पूफ कॉल का इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी, सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करने और दहशत पैदा करने के लिए किया जा रहा है। इसके जरिये दूरसंचार विभाग और ट्राई के अधिकारी बनकर मोबाइल नंबरों को काटने, फर्जी डिजिटल गिरफ्तारी, कूरियर में ड्रग्स/नशीले पदार्थों की मौजूदगी, खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमकाने, सेक्स रैकेट में गिरफ्तारी की धमकी देने जैसे साइबर अपराधों के मामले सामने आए हैं।