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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1120 प्रकरणों का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में 1120 प्रकरणों का निस्तारण

जैसलमेर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देषानुसार जैसलमेर न्यायक्षेत्र के सभी न्यायिक व राजस्व न्यायालयों तथा उपभोक्ता संरक्षण मंच न्यायालय में लंबित प्रकरणों तथा प्रि-लिटिगेषन स्टेज पर लंबित प्रकरणों हेतु इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला एवं सेशन न्यायाधीश पूरण कुमार शर्मा के निर्देशन में किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ एडीआर सेंटर में अधिकारीगण, बैंकर्स व अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 9197 प्रकरण रखे गये जिसमें से 1120 प्रकरणों का निस्तारण हुआ जिसमें 22.71 करोड राषि के अवार्ड पारित किये गये। कुुल निस्तारित प्रकरणों में से 857 प्रकरण न्यायालय में लंबित थे व 263 प्रकरण न्यायालय में जाने से पूर्व ही प्रि-लिटिगेषन स्टेज पर निस्तारित किये गये।

इस दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत के लिये कुल 05 बैंचों का गठन किया गया जिनकी अध्यक्षता न्यायाधीष पारिवारिक न्यायालय चंद्रप्रकाषसिंह, अपर जिला एवं सेषन न्यायाधीष पोकरण नरेंद्र कुमार खत्री, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किषोर कुमार तालेपा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ लेखपाल शर्मा तथा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पोकरण नवीन रतनू तथा ने की। बैंच में सदस्यों के रूप में जिला मुख्यालय पर श्यामपालसिंह राठौड, हेमसिंह राठौड़ तथा दामोदरसिंह सोलंकी तथा पोकरण मुख्यालय पर गठित बैंच में सदस्य के रूप में पैनल अधिवक्ता कूंपसिंह राठौड़ तथा जसवंत दैया उपस्थित थे तथा राजस्व मामलों में सदस्य के रूप में उपखण्ड अधिकारी, जैसलमेर पवन कुमार तथा उपखण्ड अधिकारी पोकरण प्रभजोतसिंह गिल ने भाग लिया।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किषोर कुमार तालेपा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारान ने उत्साह से भाग लेकर राजीनामा के माध्यम से प्रकरणों का निस्तारण करवाया। उन्होने यह भी बताया कि प्रि-लिटिगेषन स्टेज पर बैंकर्स व विद्युत विभाग द्वारा बकायादारों को ब्याज में अधिकतम छूट व सरकार की योजना का लाभ देते हुए पक्षकारों को राहत प्रदान की। प्रि-लिटिगेषन स्टेज पर भारत संचार लिगम लिमिटेड के बकाया बिलों संबंधी भी अनेक प्रकरण निस्तारित हुए। विभिन्न बैंकों के ऋण वसूली के 166 प्रकरणों का निस्तारण किया गया तथा विद्युत व टेलिफोन बिलों के 97 प्रकरणों का निस्तारण प्रि-लिटिगेषन स्टेज पर किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में विद्युत विभाग की ओर से अधिशाषी अभियंता जीवणाराम गर्ग तथा भारत संचार निगम एवं विभिन्न बैंकों की ओर से अधिकारीगण ने सक्रिय रूप से भाग लेकर लोक अदालत को सफल बनाया। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफलतापूर्व आयोजन में पक्षकारान के सभी अधिवक्तागण का सराहनीय सहयोग रहा।

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