बिहार में बाढ़ का बढ़ा दायरा, 43.64 लाख लोग प्रभावित
पटना। बिहार में बाढ़ का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के 14 जिलों में करीब 43.64 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि, कई इलाकों में नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और घाघरा जैसी प्रमुख नदियां अभी भी अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। राज्य में 951 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जहां अब तक करीब 33.88 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 11,255 लोगों के रहने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंडक डुमरिया घाट, कोसी बलतारा और कुर्सेला, बागमती बेनीबाद, बूढ़ी गंडक खगड़िया तथा गंगा दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर है। पुनपुन श्रीपालपुर और घाघरा दरौली व गंगपुर सिसवन में भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है।
गुरुवार सुबह ज्यादातर स्थानों पर जलस्तर घटने की स्थिति रही। हालांकि, घाघरा नदी के दरौली में जलस्तर 61.49 मीटर पहुंच गया, जहां बढ़ोतरी का रुझान सामने आया। गंगा भागलपुर में 34.60 मीटर और कहलगांव में 32.81 मीटर पर स्थिर रही।
बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच करीब 2.57 लाख पॉलीथीन शीट और 40,600 ड्राई राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं। लोगों के सुरक्षित आवागमन और निकासी के लिए 1,932 नावें लगाई गई हैं। वहीं, प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए 6,692 क्विंटल चारा भी वितरित किया गया है।
बराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति पर भी प्रशासन नजर रख रहा है। वीरपुर बराज से गुरुवार सुबह आठ बजे कोसी नदी में 1,40,240 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था और इसमें कमी का रुझान था। वहीं, वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 86,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज हुआ, जिसमें बढ़ोतरी बताई गई। इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 72,518 क्यूसेक रहा और इसमें कमी दर्ज की गई।
राहत एवं बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं। प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहा है, ताकि जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल बाढ़ से प्रभावित जिलों में शामिल हैं। इन जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर बताया गया है।
मौसम को लेकर भी फिलहाल राहत की पूरी उम्मीद नहीं है। बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी और महत्वपूर्ण हो गई है।