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यूनान पुलिस ने यहूदी प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रच रहे दो पाकिस्तानी को पकड़ने का दावा किया

यूनान पुलिस ने यहूदी प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रच रहे दो पाकिस्तानी को पकड़ने का दावा किया

इज़राइली खुफिया एजेंसी मोसाद और यूनान पुलिस ने यूनान में इज़राइली और यहूदियों से जुड़े स्थानों पर आतंकवादी हमले करने की कथित साज़िश को नाकाम करने का दावा किया है। ‘टाइम्स ऑफ इज़राइल’ की खबर के मुताबिक, यूनान पुलिस ने हमले की कथित योजना बनाने वाले दो पाकिस्तानी नागरिकों को मंगलवार को गिरफ्तार किया। इज़राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिक ईरानी आतंकवादी नेटवर्क का हिस्सा हैं।
इज़राइली पीएमओ ने कहा, “यूनान में सामने आया यह एक गंभीर मामला है जिसे यूनान के सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। यह ईरान द्वारा विदेशों में इज़रायल और यहूदी लक्ष्यों पर आतंकवादी (हमले) करने का एक और प्रयास था। बयान के मुताबिक, “यूनान में संदिग्धों के जांच के दायरे में आने के बाद मोसाद ने उनके ढांचे, उसके काम करने के तरीकों और ईरान से संबंध को उजागर करने में खुफिया सहायता प्रदान की।”
बयान में कहा गया है, “जांच में सामने आया है कि यूनान में सक्रिय यह ढांचा ईरान से संचालित हो रहे व्यापक ईरानी नेटवर्क का हिस्सा है जो कई देशों में फैला है।’’ बताया जाता है कि 27 और 29 साल के दो संदिग्ध मध्य एथेंस में पुलिस मुख्यालय में हैं। तीसरा शख्स फरार है और वह यूनान का नागरिक नहीं है। स्थानीय मीडिया की खबरों से संकेत मिला है कि हमले के लिए चबाड हाउस (यहूदी सामुदायिक केंद्र) को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक कोशर रेस्तरां है और इसमें कई धार्मिक सेवाएं आयोजित होती हैं।
गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारत के मुंबई पर किए हमले के दौरान एक चबाड हाउस को भी निशाना बनाया था। यूनान पुलिस ने कहा कि संदिग्ध हमले के लिए अंतिम दौर की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने कहा, “उनका उद्देश्य न केवल निर्दोष नागरिकों की जान लेना था बल्कि देश में सुरक्षा की भावना को कमजोर करना, सार्वजनिक संस्थानों को नुकसान पहुंचाना था और (यूनान के) अंतरराष्ट्रीय संबंधों को खतरे में डालना था।”
यूनान की समाचार वेबसाइट ‘डायरेक्टस’ पर प्रकाशित पुलिस के बयान में कहा गया है कि आरोपियों से मिली जानकारी और उनके पास से जब्त किए गए डिजिटल डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि नेटवर्क के सदस्यों ने हमले के लक्ष्य का चयन पहले ही कर लिया था जो विशेष महत्व की इमारत है। बयान में कहा गया है कि वे इलाके की टोह भी ले चुके थे और उन्हें हमले को अंजाम देने के लिए अंतिम निर्देश भी मिल गए थे। बयान में कहा गया है कि नेटवर्क का संबंध उस ईरानी साज़िश से है जिसे पिछले साल तुर्किये में नाकाम किया गया था।

 

 

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