5 अक्टूबर से फिर घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
जयपुर। जिले में मौसमी बीमारियों के साथ चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू की संभावित आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और बचाव गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान का तीसरा चरण 5 अक्टूबर से शुरू होगा, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर सर्वे, लार्वा जांच और एंटी लार्वा गतिविधियां करेंगे।
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि अभियान का दूसरा चरण 30 सितंबर तक संचालित किया गया था। अब तीसरे चरण के तहत जिले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए घर-घर स्वास्थ्य सर्वे किया जाएगा। स्वास्थ्य दल जरूरत के अनुसार दवा का छिड़काव भी करेंगे।
अभियान में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ और डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़ी टीमें सक्रिय रहेंगी। ये टीमें घरों में पहुंचकर मच्छरों के लार्वा की जांच करेंगी। बुखार से पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिका लेकर जांच के लिए भेजी जाएगी। साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधियां भी की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग सर्वे और एंटोमोलॉजिकल गतिविधियों की नियमित निगरानी करेगा।
डिप्टी सीएमएचओ (हैल्थ) डॉ. सुरेंद्र गोयल ने बताया कि तीसरे चरण को देखते हुए अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जांच और उपचार व्यवस्था सुचारू रखने तथा संदिग्ध मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी बीमारियों के लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बीमारी के लक्षण नजर आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करने को कहा है। अभियान का उद्देश्य घर-घर निगरानी के जरिए मौसमी बीमारियों की समय पर पहचान और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम करना है।