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भारत लाखों अवैध प्रवासियों को नहीं रख सकता: उपराष्ट्रपति

भारत लाखों अवैध प्रवासियों को नहीं रख सकता: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि देश में लाखों की संख्या में अवैध प्रवासी नहीं रह सकते और चुनावी राजनीति को जनसांख्यिकीय अव्यवस्थाओं से प्रभावित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी के साथ उन्होंने युवाओं से राष्ट्र विरोधी बयानों को समाप्त करने की अपील की।राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने संसद में बार-बार होने वाले व्यवधान पर भी चिंता जाहिर की। राष्ट्रीय राजधानी में ‘वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स’ (डब्ल्यूओएफए) सम्मेलन के दौरान धनखड़ ने कहा कि युवाओं को अस्तित्व संबंधी चुनौतियों के बारे में चिंतित होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में लाखों अवैध प्रवासी नहीं रह सकते... हम अपनी चुनावी राजनीति को जनसांख्यिकीय अव्यवस्थाओं से प्रभावित नहीं होने दे सकते। ये चीजें आपके लिए मायने रखती हैं क्योंकि ये ऐसी चुनौतियां हैं जिनका आपको सामूहिक रूप से जवाब देना होगा।’’धनखड़ ने विस्तार से बताए बिना कहा, ‘‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है...कहा जाता है कि समझदार को इशारा काफी होता है।’’ उपराष्ट्रपति ने इस बात पर चिंता जाहिर कि कुछ लोग और संस्थाएं देश की विकास यात्रा से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश में सनसनी फैलाने और कहानी गढ़ने का चलन जारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘कहानियों में भारतीयता को भूल जाते हैं, राष्ट्रवाद को भूल जाते हैं और राष्ट्रहित को भी भुला दिया जाता है।’’ धनखड़ ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इन राष्ट्र-विरोधी कहानियों को समाप्त करने तथा भारत विरोधी ताकतों को हराने की शक्ति उनके हाथ में है।‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (आईसीएआई) द्वारा आयोजित सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक राष्ट्रवाद की भावना को आत्मसात करने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसा दृष्टिकोण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होगा।

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