अगस्त में जारी होगा लेवल-1 का फाइनल रिजल्ट
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 31 अगस्त से पहले शिक्षक भर्ती परीक्षा लेवल-1 का रिजल्ट जारी किया जाएगा। जिसके तहत प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में 21 हजार पदों पर टीचर्स को पोस्टिंग दी जाएगी। हालांकि फाइनल कटऑफ में 4 से 8 नंबर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
दरअसल, 26 मई को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (रीट मेंस) लेवल-1 की कटऑफ लिस्ट जारी की थी। जिसके तहत बोर्ड ने 21 हजार पदों के लिए कुल 41,546 अभ्यर्थियों को शॉर्ट लिस्ट किया था। इनमें 38,280 कैंडिडेट नॉन टीएसपी (ट्राइबल सब प्लान) क्षेत्र से हैं। वहीं 3266 कैंडिडेट्स टीएसपी क्षेत्र से थे। जिन्हें बोर्ड ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया था।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा लेवल-1 का रिजल्ट लगभग तैयार हो चुका है, जिसे क्रॉस वेरिफिकेशन के बाद इसी महीने जारी किया जाएगा। इसमें 21 हजार पदों के लिए उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी होगी।
वहीं लेवल-2 के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। ऐसे में लेवल-1 के बाद जल्द ही लेवल-2 का रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा, ताकि 48,000 पदों पर उम्मीदवारों को सितंबर महीने में ही पोस्टिंग दी जा सके। बता दें कि इससे पहले बोर्ड की ओर से 48 हजार पदों के लिए शिक्षक भर्ती परीक्षा 25 फरवरी से 1 मार्च तक कराई गई थी। परीक्षा में कुल 9.65 लाख में से 9.02 लाख अभ्यर्थी ही शामिल हुए थे।
बोर्ड की लापरवाही से बढ़ी छात्रों की परेशानी- उपेन यादव
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा- बोर्ड ने शिक्षक भर्ती का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शेड्यूल तो पूरा कर लिया है, लेकिन अब तक फाइनल रिजल्ट जारी नहीं किया है, जबकि लेवल-1 की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया काफी पहले ही पूरी हो गई है। ऐसे में अगर बोर्ड ने अगले 48 घंटे में लेवल-1 का रिजल्ट जारी नहीं किया तो प्रदेशभर के बेरोजगार 25 अगस्त को कर्मचारी चयन बोर्ड मुख्यालय का घेराव करेंगे।।
उपेन ने कहा- सिर्फ लेवल-1 ही नहीं बल्कि, सितंबर के पहले सप्ताह तक लेवल-2 का फाइनल रिजल्ट जारी किया जाए, ताकि आचार संहिता लगने से पहले 48 हजार पदों पर उम्मीदवारों को पोस्टिंग मिल सके। इसके साथ ही हम चाहते हैं कि जल्दी ही नई रीट की तारीख का ऐलान भी किया जाए, ताकि टीचर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को राहत मिल सके। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो सरकार को इसका नुकसान आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।