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पुतिन और नेतन्याहू ने मध्य पूर्व संकट पर महत्वपूर्ण बातचीत की

पुतिन और नेतन्याहू ने मध्य पूर्व संकट पर महत्वपूर्ण बातचीत की

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई बातचीत में मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। क्रेमलिन प्रेस सेवा के हवाले से रूस की आधिकारिक समाचार एजेंसी तास ने यह जानकारी दी। इसमें कहा गया कि व्लादिमीर पुतिन ने नेतन्याहू से गाजा पट्टी में सामान्यीकरण के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना पर भी चर्चा की।

क्रेमलिन प्रेस सेवा ने बताया कि पुतिन और नेतन्याहू ने छह अक्टूबर की शाम हुई बातचीत के दौरान सीरिया और ईरानी परमाणु मुद्दे पर भी चर्चा की। इसमें कहा गया, "दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों ने ईरानी परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी स्थिति और सीरिया में और अधिक स्थिरता लाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान खोजने की इच्छा व्यक्त की।"

उल्लेखनीय है कि ईरान के खिलाफ इजराइल के सैन्य अभियान और ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हवाई हमलों के बीच इस साल ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पांच दौर की परमाणु वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। नौ सितंबर को ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने मिस्र में सहयोग फिर से शुरू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। जून में इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था।

29 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रूस और चीन के उस मसौदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें ईरानी परमाणु समझौते का समर्थन करने वाले प्रस्ताव संख्या 2231 को छह महीने के लिए बढ़ाने का प्रावधान था। संयुक्त राष्ट्र के ईरान-विरोधी प्रतिबंध 28 सितंबर से लागू हैं। पांच अक्टूबर को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि तेहरान को Iअंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ सहयोग के अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना होगा। क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों के बाद काहिरा समझौता अपनी प्रासंगिकता खो चुका है।

सीरिया की स्थितिः सीरिया में सशस्त्र विपक्षी इकाइयों ने नवंबर 2024 के अंत में अलेप्पो और इदलिब प्रांतों में सरकारी सैनिकों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। 8 दिसंबर को वे दमिश्क में घुस गए, जबकि राष्ट्रपति बशर अल-असद ने पद छोड़ दिया और देश छोड़कर भाग गए। हयात तहरीर अल-शाम समूह (रूस में प्रतिबंधित) के नेता अहमद अल-शरा सीरिया के वास्तविक नए नेता बन गए। 29 जनवरी को, उन्होंने अंतरिम अवधि के लिए खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया, जो उनके अनुसार, चार से पांच साल तक चलेगी।

सुकोट की बधाईः क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने इस दौरान इजराइल के लोगों को यहूदी त्योहार सुकोट की बधाई दी। क्रेमलिन ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि रूस के राष्ट्रपति ने बेंजामिन नेतन्याहू और इजराइल के लोगों को यहूदी त्योहार सुकोट की शुरुआत पर बधाई दी।

6 अक्टूबर को भोर होते ही इजराइली सुकोट मनाना शुरू कर देते हैं, जिसे मिस्र से इजराइलियों के पलायन के उपलक्ष्य में झोपड़ियों का पर्व भी कहा जाता है। यह फसल कटाई के समय और कृषि वर्ष के अंत का भी प्रतीक है।

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