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संसद में आज भी मणिपुर को लेकर हंगामा

संसद में आज भी मणिपुर को लेकर हंगामा

राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित, लोकसभा में पास हुआ सेना से जुड़ा बिल


नई दिल्ली .  संसद के मानसून सत्र का आज (4 अगस्त) 12वां दिन है। मणिपुर मुद्दे पर संसद में आज भी हंगामा हुआ। राज्यसभा को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब अगली कार्यवाही 7 अगस्त को होगी।

वहीं लोकसभा में कार्यवाही जारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में सेना से जुड़ा इंटर सर्विस ऑर्गनाइजेशन (कमांड, कंट्रोल और डिसिप्लिन) विधेयक, 2023 पेश किया। इसे पास करा दिया गया। वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे।
4 अगस्त को लोकसभा में यह बिल पास हुआ...

इंटर सर्विस ऑर्गनाइजेशन बिल, 2023 : अभी तक तीनों सेनाओं (इंडियन आर्मी, एयरफोर्स, नेवी) के लिए अलग-अलग कानून थे। इंडियन आर्मी पर सेना अधिनियम, 1950, एयरफोर्स पर वायु सेना अधिनियम, 1950 और नेवी पर नौसेना अधिनियम, 1957 लागू होता था।

नए कानून बनने से इंटर सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के तहत एक कमांडर-इन-चीफ/ऑफिसर-इन-कमांड की नियुक्ति होगी। यह कमांडर सैनिकों पर कंट्रोल करने, कार्रवाई करने में सक्षम होगा। फिर सैनिक किसी भी सेना से जुड़ा हो।

3 अगस्त को लोकसभा में यह बिल पास हुआ...

दिल्ली सर्विस बिल, 2023 : 3 अगस्त को लोकसभा में दिल्ली सर्विस बिल पास हो गया। इस पर अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BJP राष्ट्रीय राजधानी के लोगों की पीठ में छुरा घोंपने का काम कर रही है। इस बिल (द गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टैरिटरी ऑफ दिल्ली बिल) से दिल्ली के अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार केंद्र सरकार को मिल जाएगा।

2 अगस्त को राज्यसभा में ये बिल पास हुए...

1. माइन्स और मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) बिल : इस बिल में प्राइवेट सेक्टर को लिथियम सहित 12 परमाणु खनिजों में से छह और सोने-चांदी के खनन की अनुमति देने का प्रोनिजन है। बिल केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पेश किया था। लोकसभा इसे पिछले महीने ही पास कर चुकी है।

2. फॉरेस्ट (कंजर्वेशन) अमेडमेंट बिल 2023 : इस बिल में देश की सीमाओं के 100 किमी के भीतर की जमीन को संरक्षण कानूनों से छूट मिल जाएगी। इस जमीन पर अब जू, सफारी और ईको टूरिज्म सुविधाएं शुरू की जा सकेंगी। यह बिल भी पिछले महीने लोकसभा से पास हो गया था।

3. जन विश्वास ( अमेंडमेंट ऑफ प्रोविजन्स) बिल: ये बिल छोटे अपराधों में अपराध मुक्त करके व्यापार में आसानी को बढ़ावा देना है। बिल से 19 मंत्रालयों के तहत 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में बदलाव किया गया है। बिल से कई फाइन को पेनल्टी में बदल दिया जाएगा जिससे कोर्ट में मुकदमा चलाना जरूरी नहीं होगा।

एक और AAP सांसद पूरे मानसून सत्र के लिए सस्पेंड
3 अगस्त को स्पीकर ओम बिड़ला ने आप सांसद सुशील कुमार रिंकू को बाकी बचे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। रिंकू को निलंबित करने का प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी लाए थे। रिंकू पर वेल में आकर कागज फाड़ने का आरोप था। इससे पहले आप के ही राज्यसभा सांसद संजय सिंह को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था।
3 अगस्त को दिल्ली अध्यादेश विधेयक पर लोकसभा में अमित शाह के भाषण की प्रमुख बातें…

दिल्ली ना तो पूरी तरह राज्य है और ना ही पूरी तरह संघ शासित प्रदेश। संसद को आर्टिकल 239 AA के तहत दिल्ली के मुद्दे पर संसद में कानून बनाने का अधिकार है। विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मनपसंद हिस्सा ही पढ़ा।
पं नेहरू, सरदार पटेल, राजाजी (सी राजगोपालाचारी), राजेंद्र प्रसाद और डॉ. अंबेडकर ने इस बात का विरोध किया कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। नेहरू ने कहा था कि दिल्ली में तीन चौथाई संपत्ति केंद्र सरकार की है, इसलिए इसे केंद्र के अधीन रखा जाए।
राजधानी दिल्ली के किसी भी हिस्से पर और कोई भी कानून बनाने संपूर्ण अधिकार संसद को दिया गया है। 1993 से व्यवस्था चली आ रही थी। कभी केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो दिल्ली में हमारी सरकार थी। कभी केंद्र में हमारी सरकार थी तो दिल्ली में कांग्रेस का शासन था। कभी कोई समस्या नहीं आई। असल में दोनों ही दलों का मकसद सेवा था, सत्ता हथियाना नहीं। कोई झगड़ा नहीं हुआ, सब कुछ ठीक चल रहा था।2015 में दिल्ली में जिस दल (आप) की सरकार आई, उसका मकसद सेवा नहीं, झगड़ा करना था। प्रॉब्लम ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार की नहीं थी, विजिलेंस के कंट्रोल में लेकर जो बंगला (अरविंद केजरीवाल का बंगला विवाद) बना दिया है, उसका सत्य छिपाना है। जो भ्रष्टाचार हो रहा है, इसका सत्य छिपाना है।
मेरी अपील है कि विपक्षी दलों को दिल्ली के बारे में सोचना चाहिए, गठबंधन के बारे में नहीं। अलायंस के बावजूद केंद्र में बहुमत से नरेंद्र मोदी की सरकार बन रही है। जिस तरह से UPA ने शासन चलाया, उसी के कारण विपक्ष में बैठे हैं।
अविश्वास प्रस्ताव पर 8 से 10 अगस्त तक बहस होगी
1 अगस्त को संसद में लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में तय किया गया था कि अविश्वास प्रस्ताव पर 8 से 10 अगस्त के बीच बहस होगी। संभावना है कि PM मोदी 10 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देंगे।

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