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ट्रंप का पहला शिकार ट्रूडो? कनाडा के लोग क्यों डरे और चितिंत

ट्रंप का पहला शिकार ट्रूडो? कनाडा के लोग क्यों डरे और चितिंत

साल 2019 की बात है जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो नाटो देशों के एक सम्मेलन में ट्रंप की बेइज्जती करते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। लेकिन उस समय जस्टिन ट्रूडो को शायद अंदाजा नहीं था कि अमेरिका की सत्ता में एक बार फिर से उनकी वापसी हो जाएगी। अब डोनाल्ड ट्रंप के जीत वाले डांस को देखकर कनाडा में हड़कंप मच गया है। अमेरिका में चुनावी नतीजे आने के बाद कनाडा से जो बयान आया है, उसे सुनकर तो ऐसा ही लग रहा है कि कनाडा डोनाल्ड ट्रंप का पहला शिकार बनने वाला है। डोनाल्ड ट्रंप अपनी बेइज्जती करने वाले जस्टिन ट्रूडो से बदला तो जरूर लेंगे। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इससे भारत का भी बदला पूरा हो जाएगा। जस्टिन ट्रूडो के साथी और खालिस्तानी नेता जगमीत सिंह ने ट्रंप की जीत पर डरते हुए बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा के बहुत सारे लोग जब सोकर उठे तो वे डरे हुए थे, चिंतित थे और कई तो टूट चुके थे। अब समय आ गया है कि हमें कनाडा के हितों के लिए साथ आना होगा।


मुझे लगता है कि ट्रंप का जीतना कनाडा के लोगों पर गंभीर प्रभाव डालेगा। हमारी नौकरियों और अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ने वाला है। दरअसल, ये डर इसलिए है कि खालिस्तानी नेता और जस्टिन ट्रूडो ये जानते हैं कि ट्रंप उनका क्या हाल करने वाले हैं। खालिस्तानी और ट्रू़डो ये भी जानते हैं कि ट्रंप और मोदी की दोस्ती बेहद गहरी है। खालिस्तानी आतंकी निज्जर और पन्नू के मुद्दे पर ट्रूडो और बाइडेन सरकार एक साथ थी। लेकिन बाइडेन अब जा चुके हैं। कनाडा अब बेवजह भारत पर बेबुनियाद आरोप नहीं लगा पाएगा। कनाडा से भारत के टकराव और आतंकी पन्नू को लेकर भारत और अमेरिका के रिश्ते में टकराव दिख रहा है। जबकि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए भारत और अमेरिका की दोस्ती ज्यादा मजबूत नजर आई थी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की नीतियां अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी से काफी मेल खाती हैं, ऐसे में ट्रंप के आने से भारत को कनाडा पर दबाव बनाने में मदद मिलेगी।

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