शी जिनपिंग से परमाणु वार्ता को ट्रंप ने बताया अहम, रोबोटिक्स पर भी अमेरिका की नजर
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रस्तावित बैठक को लेकर उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर होने वाली बातचीत बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसी बीच, अमेरिका ने रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी के आयात को लेकर भी नई पहल की है, जिसके तहत व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत कर समझौते करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकात पहले से तय है। उन्होंने परमाणु निरस्त्रीकरण पर प्रस्तावित बैठक को संभवतः सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक बताया। ट्रंप के मुताबिक, चीन फिलहाल इस क्षेत्र में अमेरिका से पीछे है, लेकिन अगले पांच वर्षों में वह बराबरी पर पहुंच सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बातचीत की उम्मीद
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर ट्रंप ने कहा कि इस मामले में प्रगति हो रही है और जल्द ही एक बैठक आयोजित की जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रस्तावित बातचीत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने बैठक की तारीख या अन्य विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
ईरान के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि तेहरान समझौता करना चाहता है, लेकिन बातचीत को लगातार टाल रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी चुनाव या अन्य घटनाक्रम का इंतजार कर सकता है, लेकिन उनके अनुसार ऐसा करने से उसे कोई लाभ नहीं होगा।
ट्रंप ने ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति को लेकर भी कड़े दावे किए। उन्होंने वहां महंगाई बहुत अधिक होने की बात कही और संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ भविष्य में किसी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मध्यावधि चुनाव के बाद किसी संभावित कदम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी इस संबंध में कुछ नहीं कहा जा सकता और कई विकल्प संभव हैं।
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस की ईरान नीति में भूमिका से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वेंस ने उनसे राय मांगी थी और उन्होंने अपनी बात रख दी थी।
रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी पर अमेरिकी पहल
विदेश नीति के साथ-साथ ट्रंप प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र में आयात को लेकर भी कदम उठाया है। ट्रंप ने 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के तहत एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और उनसे जुड़े पुर्जों के आयात की समीक्षा के बाद व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार, वाणिज्य सचिव और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को संबंधित देशों के साथ समझौते की दिशा में बातचीत करनी होगी और 180 दिनों के भीतर इसकी स्थिति की जानकारी देनी होगी। फिलहाल तत्काल नए टैरिफ लगाने के बजाय बातचीत पर जोर दिया गया है।
ट्रंप ने यह विकल्प भी खुला रखा है कि वार्ता की स्थिति और नतीजों के आधार पर भविष्य में टैरिफ, आयात शुल्क, कोटा या अन्य फीस में बदलाव किया जा सकता है। आदेश में किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया गया है।
अमेरिकी प्रशासन ने रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा क्षेत्र बताया है। आदेश में कहा गया है कि इन तकनीकों से जुड़े आयात की मात्रा और परिस्थितियां सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा कर सकती हैं। कुछ विदेशी कंपनियों से आने वाले उपकरणों को लेकर साइबर सुरक्षा के जोखिम का भी उल्लेख किया गया है।
दस्तावेज में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2024 में रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी ने लगभग 7.1 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के विनिर्मित सामानों की शिपमेंट में भूमिका निभाई। इस क्षेत्र में संभावित व्यापारिक बदलाव का असर कई देशों के निर्यातकों पर पड़ सकता है। भारत भी इससे प्रभावित हो सकता है, क्योंकि दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं।
अमेरिकी राजनीति और ब्राजील पर भी बोले ट्रंप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने अलास्का में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार मैरी पेल्टोला पर भी आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव से हटने की मांग करते हुए मतदाता धोखाधड़ी का आरोप लगाया। ये ट्रंप के आरोप हैं; बातचीत में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के परिवार से जुड़े वीजा विवाद पर ट्रंप ने कहा कि उनके साथ अनुचित व्यवहार हुआ है। हालांकि, जब उनसे फ्लेवियो बोल्सोनारो को वास्तविक राष्ट्रपति मानने से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने ब्राजील के चुनाव को असामान्य जरूर बताया।
कुल मिलाकर, ट्रंप की टिप्पणियों में चीन के साथ परमाणु वार्ता, रूस-यूक्रेन संघर्ष, ईरान के साथ संभावित समझौते और अमेरिकी व्यापार नीति जैसे कई अहम मुद्दे शामिल रहे। रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी के आयात पर प्रस्तावित बातचीत के नतीजे आने वाले महीनों में अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।