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अमेरिका–भारत व्यापार को लेकर ट्रंप का तीखा बयान, साझेदारी पर उठाए सवाल

अमेरिका–भारत व्यापार को लेकर ट्रंप का तीखा बयान, साझेदारी पर उठाए सवाल

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने कहा कि भारत का शुल्क (टैरिफ) बहुत ज्यादा है। इसलिए अमेरिका उसके साथ कम व्यापार करता है। उन्होंने कहा कि इसलिए अमेरिका के लिए भारत अच्छा व्यापारिक साझेदार नहीं है। द व्हाइट हाउस ने अपने समाचार प्रभाग में सीएनबीसी को दिए राष्ट्रपति ट्रंप के साक्षात्कार के मुख्य अंश पांच अगस्त को प्रसारित किए हैं। इनमें यह बात कही गई है। ट्रंप ने कहा कि भारत हमारे साथ बड़ा व्यापार करता है। अमेरिका उस अनुपात में भारत के साथ काफी कम व्यापार करता है। उन्होंने कहा, '' इसलिए मैं 25 फीसद टैरिफ पर सहमत हुआ हूं। मुझे लगता है कि मैं अगले 24 घंटों में इसे काफी बढ़ा दूंगा। भारत रूस से तेल खरीद रहा है। यही नहीं भारत युद्धक विमानों को ईंधन दे रहा है।" राष्ट्रपति ट्रंप ने सीएनबीसी के स्क्वॉक बॉक्स में अपने दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए अपनी प्राथमिकताएं भी गिनाईं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन के साथ संबंधों पर कहा, "यदि हम कोई समझौता कर लेते हैं, तो सबसे अधिक संभावना है कि मैं वर्ष के अंत से पहले चीन के साथ बैठक करूंगा। वैसे भी हम समझौते के बहुत करीब पहुंच रहे हैं।" राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के साझेदार देशों से ऐतिहासिक व्यापार समझौतों से अमेरिका खरबों डॉलर कमा रहा है। ट्रंप ने इस दौरान अपनी मोस्ट फेवर्ड नेशन दवा मूल्य निर्धारण योजना का भी बखान किया। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद से विदेशी मूल के श्रमिकों की संख्या में आई गिरावट की सराहना की। राष्ट्रपति ने रूढ़िवादियों के साथ भेदभाव करने के लिए बड़े बैंकों की आलोचना की। सीएनबीसी के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि वह अगले हफ्ते ही सेमीकंडक्टर और चिप्स पर नए टैरिफ की घोषणा करेंगे। अमेरिका चाहता है कि ये देश में ही बनें। उन्होंने कहा कि दुनिया के अधिकांश उन्नत सेमीकंडक्टर ताइवान से आते हैं। उन्होंने योजना के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।

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