सीरिया में मारा गया आईएसआईएस चीफ अबु हुसैन अल कुरैशी, तुर्किये के राष्ट्रपति ने की घोषणा
तुर्किये की इंटेलिजेंस एजेंसी ने सीरिया में चलाए एक ऑपरेशन में आतंकी संगठन ISIS के चीफ अबु हुसैन अल कुरैशी को मार गिराया। इसकी जानकारी खुद तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान ने दी है। स्टेट मीडिया को दिए एक इंटरव्यू के दौरान एर्दोगन ने बताया कि इंटेलिजेंस एजेंसियां काफी समय से कुरैशी को खोज रही थी। सीरिया के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक इस ऑपरेशन जंदारिस कस्बे में अंजाम दिया गया। जिस पर तुर्किये के समर्थन वाले विद्रोहियों का कब्जा है। अबु हुसैन अल कुरैशी को पिछले साल 30 नवंबर को ISIS का सरगना बनाया गया था।
तुर्किये ने मदरसे में किए ऑपरेशन में ISIS चीफ का मारा
जिंदारिस के लोगों ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया कि तुर्किये की इंटेलिजेंस एजेंसी ने देर रात एक बंजर जमीन पर बने मदरसे में ऑपरेशन चलाया था। लड़ाई करीब एक घंटे तक चली, जिसके बाद तेज धमाके की आवाज आई थी। जिसमें अबु हुसैन अल कुरैशी मारा गया। हालांकि, सीरिया की नेशनल आर्मी ने इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। तुर्किये के इस ऑपरेशन से पहले अप्रैल में अमेरिका ने भी उत्तरी सीरिया में ऑपरेशन चलाकार आतंकी संगठन ISIS के कई ठिकानों को ढेर कर दिया था। वहीं, 16 अप्रैल को उसी इलाके में ISIS के आतंकियों ने 41 लोगों को मार दिया था। इनमें 24 लोग आम नागरिक थे।
ईरान की कोर्ट ने ओबामा पर जुर्माना लगाया
वहीं, 2017 में ISIS के हमलों में ईरानी लोगों की मौत को लेकर वहां की एक कोर्ट ने ओबामा समेत अमेरिका के कई अधिकारियों पर 25 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना वसूलने कोर्ट की बताई वजहों में कई किताबों और रिसर्च के हवाले से बताया गया है कि ISIS के बनने में अमेरिका ही जिम्मेदार है। इसलिए ISIS के हाथों हुई ईरान नागरिकों की मौत का जुर्माना अमेरिका को ही देना चाहिए।