भारत आएंगे अमेरिकी F-35, फ्रांस के राफेल भी भरेंगे उड़ान
नई दिल्ली। भारतीय आसमान में जल्द ही दुनिया के कई आधुनिक लड़ाकू विमानों की संयुक्त गतिविधियां देखने को मिलेंगी। भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास में अमेरिका के F-35 और फ्रांस के राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के विमानों के साथ हवाई अभियानों में हिस्सा लेंगे।
अभ्यास में करीब 40 देशों के शामिल होने की जानकारी है। इनमें कुछ देश अपने लड़ाकू विमानों और अन्य वायु परिसंपत्तियों के साथ सक्रिय भागीदारी करेंगे, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक के तौर पर अभ्यास को देखेंगे। अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, जर्मनी, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात अपने विमान और वायुसेना संसाधन लेकर भारत पहुंचेंगे।
अमेरिका इस अभ्यास में छह F-35 लड़ाकू विमानों और दो KC-135 विमानों के साथ हिस्सा लेगा। वहीं फ्रांस की ओर से सात राफेल, तीन A400M और दो MRTT विमान शामिल होंगे। संयुक्त अरब अमीरात छह F-16 और एक ग्लोबल 6000 विमान भेजेगा। जर्मनी दो A400M विमानों के साथ भाग लेगा।
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश एक-एक C-130 विमान के साथ अभ्यास में शामिल होंगे। श्रीलंका की ओर से एक किंग एयर 350 विमान हिस्सा लेगा। विदेशी वायुसेनाओं की यह भागीदारी अभ्यास को बहुराष्ट्रीय और व्यापक स्वरूप देगी।
भारतीय वायुसेना भी अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ इसमें हिस्सा लेगी। इसमें राफेल, सुखोई-30 MKI, LCA तेजस, जगुआर, मिराज और मिग-29 जैसे विमान शामिल हैं। इससे भारतीय और विदेशी वायुसेनाओं को एक साथ जटिल हवाई अभियानों तथा विभिन्न सामरिक परिस्थितियों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
‘तरंग शक्ति-2026’ का मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाली वायुसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, समन्वय और संयुक्त सामरिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों की वायुसेनाएं अपनी परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों को साझा करेंगी। साथ ही विभिन्न परिस्थितियों में हवाई अभियान संचालित करने और मिशन स्तर पर तालमेल बढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
करीब 40 देशों की भागीदारी से पेशेवर आदान-प्रदान का दायरा भी बढ़ेगा। सक्रिय रूप से विमानों के साथ शामिल होने वाले देशों के अलावा अन्य प्रतिभागी पर्यवेक्षक के रूप में अभ्यास की गतिविधियों को समझेंगे।
10 अक्टूबर को विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अभ्यास में शामिल विभिन्न देशों के वायुसेना दल और उनके विमानों की गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक चलने वाला ‘तरंग शक्ति-2026’ भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच संयुक्त प्रशिक्षण का बड़ा मंच होगा। F-35, राफेल, सुखोई-30 MKI और तेजस जैसे विमानों की भागीदारी से इस अभ्यास में हवाई युद्धाभ्यास और सामरिक प्रशिक्षण का दायरा खासा व्यापक रहेगा।