युवा आबादी देश की तरक्की को रफ्तार प्रदान कर सकती है
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस हर साल 12 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य दैनिक
जीवन में युवाओं के सामने पेश होने वाली तमाम तरह की परेशानियों और मुद्दों को सुनना-
समझना और उजागर करना है। अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर समाज को आगे बढ़ाने के
लिए विभिन्न परेशानियों का हल निकाला जाता है। युवा दिवस की इस वर्ष की थीम युवाओं के
लिए हरित कौशल: एक सतत विश्व की ओर रखी गई है। दुनिया भर में 10 से 24 वर्ष की
आयु वाले करीब 180 करोड़ युवा लोग हैं| युवाओं की समस्या को अन्तर्राष्ट्रीय संगठन जैसे
संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार तक पहुंचाना है। विश्व में युवाओं की जनसंख्या को देखते हुए
संयुक्त राष्ट्र ने 17 दिसम्बर 1999 को यह फैसला लिया कि प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को विश्व
युवा दिवस मनाया जायेगा। इसका उद्देश्य इस संदेश को बढ़ाना है कि एजेंडा 2030 और इसके
17 एसडीजी को प्राप्त करने के लिए सभी पीढ़ियों से कार्रवाई की आवश्यकता है और किसी को
भी पीछे नहीं छोड़ना है। आज, दुनिया हरित परिवर्तन की ओर अग्रसर है। पर्यावरण की दृष्टि से
टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल दुनिया की ओर बदलाव न केवल वैश्विक जलवायु संकट का जवाब
देने के लिए बल्कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
हरित विश्व की ओर एक सफल परिवर्तन जनसंख्या में हरित कौशल के विकास पर निर्भर
करेगा। हरित कौशल "एक टिकाऊ और संसाधन-कुशल समाज में रहने, विकसित करने और
समर्थन करने के लिए आवश्यक ज्ञान, क्षमताएं, मूल्य और दृष्टिकोण हैं"।
युवा राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। युवा नेतृत्व से राजनीति की दशा और दिशा बदल सकती है। विषम परिस्थितियों
में निर्णय लेने की क्षमता युवा वर्ग की पहचान कराती है। युवा किसी भी देश और समाज में बदलाव के
मुख्य वाहक होते हैं। युवा वर्ग करप्शन फ्री इंडिया चाहता है। आज सम्पूर्ण देश भ्रष्टाचार से आहत है। युवा
ही देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति की राह दिखा सकता है। ऐसे में देश में युवा नेतृत्व की मांग बढ़ी है। युवा
नेतृत्व को लेकर आज देशभर में व्यापक बहस छिड़ी है। युवा आबादी ही देश की तरक्की को रफ्तार प्रदान
कर सकती है। भारत विश्व में सब से अधिक युवा आबादी वाला देश है। हमारे यहां 139 करोड़ की जनसंख्या
में 65 प्रतिशत युवा हैं।
देश में बेरोजगारी दर तेजी से बढ़ी है। इस साल उच्च मुद्रास्फीति पर काबू पाना और लाखों
लोगों के लिए रोजगार सृजित करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। आज सबसे बड़ी
चुनौती युवाओं को रोजगार देने व आत्मनिर्भर बनाने की है। आज का युवा अपने हक की लड़ाई
लड़ रहा है। शिक्षा, रोज़गार और बेहतर भविष्य के लिए आज का युवा जागरूक है और लड़ रहा
है। युवा वर्ग महंगी फीस, कोचिंग और फॉर्म पर फॉर्म भरता है। भर्तियों के दौरान पेपर लीक
होना आम बात हो गई है। माँ-बाप अपनी ज़मीन जायदाद गिरवी रखकर अपने बच्चों को पढ़ाते
हैं लेकिन अंत में उन्हें मिलती है बेरोज़गारी। ऐसे में युवा अवसाद की तरफ जाता है, जो एक
बहुत बड़ी चुनौती है। युवा वर्ग करप्शन फ्री इंडिया चाहता है। आज सम्पूर्ण देश भ्रष्टाचार से आहत है।
युवा ही देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति की राह दिखा सकता है। ऐसे में देश में युवा नेतृत्व की मांग बढ़ी है। युवा
नेतृत्व को लेकर आज देशभर में व्यापक बहस छिड़ी है। युवा आबादी ही देश की तरक्की को रफ्तार प्रदान
कर सकती है।
आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्वच्छ, स्वस्थ और भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण
की है। युवा नेतृत्व से राजनीति की दशा और दिशा बदल सकती है। विषम परिस्थितियों में निर्णय लेने की
क्षमता युवा वर्ग की पहचान कराती है। युवा किसी भी देश और समाज में बदलाव के मुख्य वाहक होते हैं।
युवा वर्ग करप्शन फ्री इंडिया चाहता है। आज सम्पूर्ण देश भ्रष्टाचार से आहत है। युवा ही देश को भ्रष्टाचार
से मुक्ति की राह दिखा सकता है। ऐसे में देश में युवा नेतृत्व की मांग बढ़ी है।