नए सीटीओ के तहत 25% सदस्यों को दिखाया बाहर का रास्ता
दिग्गज टेक फर्म याहू भी लेऑफ से अछूती नहीं रह सकी है। याहू ने भी इस वर्ष अपने 25 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। कंपनी ने कथित तौर पर पिछले वर्ष अपनी साइबर सुरक्षा टीम के लगभग 25 प्रतिशत सदस्यों को नौकरी से निकाला था। इन कर्मचारियों को "पैरानॉयड्स" नाम दिया गया था। इसी बीच टेकक्रंच की एक रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2024 की शुरुआत से और अबतक याहू ने 200-व्यक्ति साइबर सुरक्षा टीम में से छंटनी की है। इस खबर की पुष्टि करने के लिए कंपनी के कई वर्तमान और पूर्व याहू कर्मचारियों से बात की गई है।
सिर्फ साइबर सुरक्षा टीम ही समूह नहीं है जो छंटनी से प्रभावित हुआ है, बल्कि सितंबर में याहू के नए नियुक्त मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी वैलेरी लिबोर्स्की ने प्रौद्योगिकी प्रभाग में व्यापक बदलावों के बारे में कर्मचारियों को जानकारी दी, जिसमें उद्यम उत्पादकता और मुख्य सेवाएँ शामिल हैं। टेकक्रंच द्वारा प्राप्त ईमेल में लिबोरस्की ने निर्णय की कठिनाई को व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक बहुत ही कठिन निर्णय था और मैंने इसे हल्के में नहीं लिया।" सबसे महत्वपूर्ण कटौती पैरानॉयड्स की रेड टीम को हटाने के साथ हुई, जो बाहरी हैकरों द्वारा उनका फायदा उठाने से पहले कमजोरियों की पहचान करने के लिए साइबर हमले का अनुकरण करने के लिए जिम्मेदार थी। यह कदम इस वर्ष साइबर सुरक्षा टीम में कम से कम तीन बार की गई छंटनी में नवीनतम है।