10 हजार के लोन ने बदली किस्मत, सब्जी विक्रेता की बदली जिंदगी
बूंदी। कोरोना महामारी ने जहां लाखों लोगों की आजीविका को प्रभावित किया, वहीं बूंदी के रहने वाले सब्जी विक्रेता मदनलाल भी इससे अछूते नहीं रहे। लॉकडाउन के दौरान उनका ठेला बंद हो गया और परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। घर का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई जारी रखना और दैनिक जरूरतों को पूरा करना बड़ी चुनौती बन गया था।
इसी कठिन दौर में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना उनके लिए सहारा बनकर सामने आई। योजना के तहत आवेदन करने पर उन्हें 10 हजार रुपये का प्रारंभिक ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने दोबारा सब्जी का ठेला शुरू किया और मेहनत के दम पर अपने कारोबार को पटरी पर लाने का प्रयास किया।
धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ी और आमदनी में सुधार होने लगा। मदनलाल ने समय पर ऋण का भुगतान किया, जिसके चलते उन्हें योजना के अगले चरणों में 20 हजार रुपये और फिर 50 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण भी प्राप्त हुआ। उन्होंने इन दोनों ऋणों का भी निर्धारित समय में भुगतान कर अपनी विश्वसनीयता साबित की।
लगातार मिली वित्तीय सहायता और मेहनत के बल पर आज मदनलाल का कारोबार पहले से अधिक मजबूत हो चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और बच्चों की पढ़ाई भी बिना किसी बाधा के जारी है। स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों को पूरा करना अब पहले की तुलना में आसान हो गया है।
हाल ही में आयोजित विशेष शिविर में उन्होंने क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन किया है। यह उनके बढ़ते आर्थिक आत्मविश्वास और बेहतर वित्तीय स्थिति का संकेत माना जा रहा है। मदनलाल का कहना है कि सही समय पर मिली मदद ने उन्हें मुश्किल हालात से बाहर निकलने का अवसर दिया और आज वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।