अब गांव में ही होगा काम, ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ से मिलेगी बड़ी राहत
बूंदी। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिले में 12 जून से ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ शुरू किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांव स्तर तक पहुंचाना है।
जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने बताया कि शिविरों का आयोजन जिले की सभी ग्राम पंचायतों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाले इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
विशेष बात यह है कि शिविरों में राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, ऊर्जा, पेयजल, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, परिवहन, वन, श्रम, सहकारिता और आपदा प्रबंधन सहित दो दर्जन से अधिक विभागों की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का यथासंभव उसी दिन निस्तारण किया जाए।
शिविरों में नामांतरण, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, पेयजल समस्याएं, बिजली शिकायतें, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, फसल बीमा, श्रमिक योजनाएं और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्य किए जाएंगे। साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित भी किया जाएगा।
डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रत्येक शिविर स्थल पर दो ई-मित्र कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। वहीं बैठने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था रहेगी ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दैनिक प्रगति की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रत्येक विभाग को शिविर समाप्त होने के बाद अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। जिला प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
जिले के बूंदी, तालेड़ा, हिण्डोली, केशवरायपाटन, लाखेरी और नैनवां उपखंड क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में 12 जून से 15 जुलाई तक चरणबद्ध रूप से शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे हजारों ग्रामीणों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।