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मानसून से पहले सरकार अलर्ट, 15 जून से 24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम

मानसून से पहले सरकार अलर्ट, 15 जून से 24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम

जयपुर। मानसून के आगमन से पहले राजस्थान सरकार ने संभावित बाढ़, अतिवृष्टि और जलभराव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियों का खाका तैयार कर लिया है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तैयारी सुनिश्चित करें।

शासन सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डॉ. मीणा ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर संवेदनशील और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की दोबारा पहचान की जाए। इन इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध कराए जाएं ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 जून से राज्य, जिला और विभागीय स्तर के सभी आपदा नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। साथ ही सभी विभागों को समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री ने मौसम संबंधी चेतावनियों को आमजन तक तेजी से पहुंचाने पर भी जोर दिया। इसके लिए सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड कर मौसम और आपदा संबंधी अलर्ट पर लगातार नजर रखने को कहा गया।

डॉ. मीणा ने जल संसाधन विभाग को बांधों, जलाशयों और एनीकटों की नियमित जांच एवं मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं नगरीय विकास विभाग और स्थानीय निकायों को नालों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपसेट, जनरेटर और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध रखने के लिए कहा गया।

उन्होंने बाढ़ प्रबंधन के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाने पर जोर दिया, जिसमें आपदा से पहले की तैयारी, आपदा के दौरान राहत एवं बचाव और आपदा के बाद पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन शामिल है। जिला प्रशासन को राहत शिविरों, निकासी मार्गों और सुरक्षित आश्रय स्थलों की पूर्व तैयारी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया। बचाव दलों के लिए नौकाएं, लाइफ जैकेट, रस्सियां और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पूर्व चेतावनी और समयबद्ध तैयारी के जरिए जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है। उन्होंने सभी विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

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