व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है सहजयोग से-सहजी डॉ0 कुमार
बयाना। सहजयोगा एक धार्मिक योगा है।यह विचार सहजी डॉ0 कुमार शास्त्री ने मंगलवार को सुभाषचौक क्षेत्र में आयोजित सहज कार्यक्रम में व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि सहजयोग में आसन मुद्रा में बैठकर ध्यान किया जाता है।ध्यान के दौरान इसका अभ्यास करने बाले लोगों में सिर से लेकर हाथों तक एक ठंडी हवा का एहसास होता है।उन्होंने बताया कि सहजयोग करने से लोगों में शारीरिक व् मानसिक तनाव से मुक्ति व् आराम मिलता है।व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है।बुरी आदतों से मुक्ति मिलती है।एकाग्रता में बढ़ोतरी होती है।अपने अंदर चैतन्य-चेतना विकसित होती है। सहजयोग के अनुयाई लगभग 140 देशों में हैं।यह 1970 में माताजी निर्मला देवी द्वारा विकसित योग का ही एक प्रकार है।यह कुंडलिनी ऊर्जा के जागरण के माध्यम से आत्मसाक्षात्कार सिखाता है।कार्यक्रम में उपस्थित जनों को सहजयोग का अभ्यास भी कराया गया।