रिफाइनरी से केमिकल थिनर सप्लाई का झांसा, जोधपुर के कारोबारी से 4.19 लाख की ठगी
जोधपुर। कारोबार में मुनाफे और समय पर माल सप्लाई का भरोसा दिलाकर साइबर ठगी करने का एक और मामला सामने आया है। इस बार शातिरों ने चेन्नई की रिफाइनरी से केमिकल थिनर उपलब्ध कराने का झांसा देकर जोधपुर के एक कारोबारी को निशाना बनाया। आरोपियों ने एडवांस भुगतान के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 4.19 लाख रुपये जमा करवा लिए। इसके बाद न तो माल पहुंचाया और न ही पैसे लौटाए।
पीड़ित की शिकायत पर बनाड़ थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल नंबरों और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी जानकारी जुटा रही है।
विजिटिंग कार्ड से मिला था आरोपी का नंबर
पुलिस के अनुसार, खोखरिया स्थित शिव शक्ति नगर निवासी अशोक सिंह राजपुरोहित ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि 12 अक्टूबर 2026 को उनके भाई सुमेर सिंह ने चेन्नई में एक विजिटिंग कार्ड पर मिले मोबाइल नंबर के जरिए प्रदीप यादव नामक व्यक्ति से संपर्क किया था।
प्रदीप यादव ने चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मनाली रिफाइनरी में बुलाकर केमिकल थिनर सप्लाई करने की डील करवाई। इसी दौरान चौधरी नाम के एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात करवाई गई। आरोपियों ने रिफाइनरी में काम करने का हवाला देकर भरोसा दिलाया कि उन्हें आसानी से केमिकल थिनर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
पहले डेढ़ लाख रुपये नकद दिए
शिकायत के मुताबिक, सौदे की शुरुआत में डेढ़ लाख रुपये नकद एडवांस दिए गए। इसके बाद अशोक सिंह से बातचीत कर माल जोधपुर स्थित पते पर छह से सात दिन में पहुंचाने का आश्वासन दिया गया।
17 अक्टूबर को चौधरी ने चार लाख रुपये का भुगतान करने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने अपने एसबीआई खाते से 99 हजार रुपये और पत्नी के बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 2.50 लाख रुपये बताए गए खाते में जमा करवाए। इसके अलावा 20 हजार रुपये की अतिरिक्त रकम भी भेजी गई।
इस तरह नकद एडवांस और बैंक ट्रांसफर के जरिए कुल 4.19 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
गलत पते वाला बिल भेजकर मांगे और पैसे
रकम मिलने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को पीडीएफ फॉर्मेट में एक बिल भेजा। कारोबारी के मुताबिक, बिल में पता गलत था और वह अधूरा लग रहा था। जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया तो आरोपियों ने बाद में सही बिल भेजने की बात कही।
इसी बीच आरोपियों ने 50 हजार रुपये और जमा कराने की मांग की, लेकिन पीड़ित ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने माल रवाना होने की जानकारी देते हुए एक ड्राइवर का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया।
चेन्नई से नागपुर तक बताई माल की लोकेशन
पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए ड्राइवर ने बताया कि माल चेन्नई से रवाना हो चुका है। बाद में उसने माल के चंद्रपुर और फिर नागपुर पहुंचने की जानकारी दी।
आरोपियों की ओर से लगातार जल्द डिलीवरी का आश्वासन दिया जाता रहा। हालांकि, 22 अक्टूबर को पीड़ित की उनसे आखिरी बार बातचीत हुई। इसके बाद सभी संबंधित मोबाइल नंबर बंद आने लगे। न माल की डिलीवरी हुई और न ही भुगतान की गई रकम वापस मिली।
साइबर पोर्टल पर शिकायत, अब पुलिस कर रही जांच
ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने 28 अक्टूबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद 6 नवंबर 2026 को बनाड़ थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया।
मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक रतनलाल को सौंपी गई है। पुलिस आरोपियों की पहचान, बैंक खातों में हुए लेनदेन और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।