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CBSE का बड़ा फैसला : अब हर स्कूल में होगा करियर काउंसलर जरूरी

CBSE का बड़ा फैसला : अब हर स्कूल में होगा करियर काउंसलर जरूरी

नई दिल्ली। सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से एक नया नियम लागू किया गया है जो सीबीएसई से सम्बद्ध सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को करियर काउंसलर की नियुक्ति के लिए नियम बनाया गया है। यह फैसला छात्रों के ऊपर से पढ़ाई का दबाव काम करने के चलते लिया गया है।


सीबीएसई ने साझा की डिटेल
बोर्ड के की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, "सभी सीबीएसई स्कूल में प्रति 500 छात्रों पर एक नियमित काउंसलिंग और वेलनेस टीचर या सोशल-इमोशनल काउंसलर की नियुक्ति जरूरी होगी। इसके साथ ही कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए करियर काउंसलर रखना भी अनिवार्य किया गया है।"


सीबीएसई ने यह फैसला जुलाई 2025 में राजस्थान हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका के बाद लिया। याचिका में छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, मानसिक तनाव और करियर मार्गदर्शन की कमी का मुद्दा उठाया गया था, जिस पर अदालत ने बोर्ड से जवाब मांगा। इसके बाद बोर्ड की ओर से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को स्थिर रखने के लिए यह नियम बनाया गया है।


पहले क्या था नियम
इस नियम के लागू होने से पहले सीबीएसई के केवल उन स्कूलों में फुल-टाइम साइकोलॉजिकल काउंसलर की नियुक्ति की आवश्यकता थी, जिनमें कक्षा 9 से 12 तक 300 से अधिक छात्र थे, जबकि छोटे स्कूलों को पार्ट-टाइम काउंसलर रखने की अनुमति थी।


करियर काउंसलर के लिए क्या होगी योग्यता
करियर काउंसलर एवं वेलनेस टीचर के लिए मनोविज्ञान या सामाजिक कार्य में डिग्री और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त 50 घंटे का प्रशिक्षण जरूरी होगा। ये काउंसलर छात्रों और अभिभावकों को परामर्श देंगे, मानसिक समस्याओं की पहचान करेंगे और किसी भी प्रकार की समस्या को दूर करने का प्रयास करेंगे।

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