भजन क्लबिंग पर सियासत, BJP का कांग्रेस पर पलटवार
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने कार्यक्रम के बहाने प्रधानमंत्री पर चुनाव आयोग और लोकतंत्र से जुड़े सवालों को लेकर निशाना साधा। इसके जवाब में भाजपा सांसद तरुण चुग ने कांग्रेस की टिप्पणी को भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा से जोड़ते हुए पलटवार किया।
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम में युवाओं की भी भागीदारी रही। प्रधानमंत्री भजन सुनते और खंजरी बजाते नजर आए।
प्रियांक खरगे ने PM पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से साझा किए गए कार्यक्रम के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास ‘भजन क्लबिंग’ के लिए समय है, लेकिन चुनाव आयोग से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के लिए समय नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद का भी जिक्र किया।
खरगे ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि मुश्किल सवाल सामने आने पर सरकार की ओर से जवाबदेही के बजाय चुप्पी देखने को मिलती है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रही है।
तरुण चुग का कांग्रेस पर पलटवार
भाजपा सांसद तरुण चुग ने कांग्रेस की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भजन और भक्ति संगीत भारतीय संस्कृति तथा आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच भक्ति संगीत के नए प्रारूपों को लेकर रुचि बढ़ रही है और ‘भजन क्लबिंग’ इसी बदलते स्वरूप का एक उदाहरण है।
चुग ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर भारतीय संस्कृति को लेकर नकारात्मक दृष्टिकोण रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं में भारतीय भक्ति परंपरा को लेकर बढ़ती दिलचस्पी को समझने की जरूरत है।
क्या है ‘भजन क्लबिंग’?
‘भजन क्लबिंग’ भक्ति संगीत का ऐसा आधुनिक कार्यक्रम प्रारूप है, जिसमें पारंपरिक भजनों को कॉन्सर्ट जैसे माहौल में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें खासतौर पर युवाओं की भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी इस उभरते चलन का उल्लेख कर चुके हैं और इसे भक्ति, संस्कृति, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के मेल के रूप में बताया था।
दिल्ली के कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में भजन सुने और कलाकारों के साथ ताल मिलाते हुए नजर आए।
चुनाव आयोग के मुद्दे से जुड़ी बयानबाजी
कांग्रेस की ओर से भजन क्लबिंग को लेकर की गई टिप्पणी को चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। कांग्रेस SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि चुनाव आयोग ने SIR से संबंधित निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है।
इस तरह एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर शुरू हुई बहस अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बन गई है। दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच ‘भजन क्लबिंग’ को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।