SIR विवाद पर संजय राउत का हमला, CEC और शाह पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए।
राउत ने कहा कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की ओर से कई फैसलों पर आपत्ति जताए जाने की रिपोर्ट बेहद गंभीर है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज की थी।
Form 6 और मतदाता सूची को लेकर उठे सवाल
रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में बदलाव, मतदाता नाम हटाने और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आयुक्तों ने Form 6 में एसआईआर से संबंधित घोषणा जोड़ने को लेकर कानूनी आपत्ति दर्ज की थी।
राउत ने इन्हीं रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की।
13 करोड़ नाम हटाने का दावा
राउत ने एसआईआर के तहत देशभर में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, यह आंकड़ा उन्होंने राजनीतिक बयान के तौर पर पेश किया है; उपलब्ध रिपोर्ट में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की बात कही गई है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए मतदाता सूची और चुनावी सॉफ्टवेयर के संचालन से जुड़े सवालों की जांच की अपील की।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग का पक्ष भी सामने आया है। आयोग के सूत्रों ने रिपोर्ट में बताए गए आंतरिक मतभेद के दावों को खारिज करते हुए कहा कि एसआईआर समेत आयोग के सभी फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी और निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
इससे पहले द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि संधू और जोशी ने कुछ फैसलों पर अपनी आपत्तियां रिकॉर्ड में दर्ज कराई थीं और चुनावी डेटाबेस के केंद्रीकरण सहित कई मुद्दों पर चिंता जताई थी।
राउत ने अमित शाह पर भी साधा निशाना
संजय राउत ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप है। हालांकि, इन आरोपों का स्वतंत्र प्रमाण खबर में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
राउत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि मतदाता सूची में बदलाव तथा चुनावी डेटा के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की गंभीर जांच होनी चाहिए। फिलहाल विवाद का केंद्र चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति, एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची के प्रबंधन को लेकर उठे सवाल हैं।