दरगाह के बाहर हुआ जगन्नाथ रथ यात्रा का स्वागत:
अजमेर। राधा और श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति के प्रतीक स्वयं श्री जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा अजमेर में धूमधाम से निकाली गई। गंज घाटी स्थित जगदीश मंदिर से रवाना हुई यह रथ यात्रा जब ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर पहुंची तो दरगाह से जुड़े मुस्लिम प्रतिनिधियों पूरी अकीदत के साथ स्वागत किया। मुस्लिम एकता मंच के प्रतिनिधि नवाब हिदायत उल्ला ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का स्वागत दरगाह के बाहर कई वर्षों से होता आ रहा है। हमने भी इसी परंपरा को निभाया है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब की दरगाह दुनिया भर में सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल है। दरगाह के बाहर भगवान जगन्नाथ का स्वागत सद्भावना के माहौल को और मजबूत करता है। स्वागत करने वालों में पीर नफिया मियां चिश्ती, गफ्फार काजमी, सैय्यद अलतमश, हाजी फय्याज (एडवोकेट), काजी मुनव्वर अली, मोहम्मद इकबाल, सैय्यद अनवर चिश्ती, सैयद दुर्रेज मदनी, हक नवाज चिश्ती, सलीम बना, सैयद फैजले जमीन चिश्ती, सामी उस्मानी, अहसान मिर्जा, जुल्फिकार जीशन चिश्ती, गुलाजार चिश्ती सलमान खान, अब्दुल नईम खान आदि शामिल रहे। रथ यात्रा की आयोजक संस्था श्री अग्रवाल पंचायत मारवाड़ी धड़ा के प्रतिनिधि नरेंद्र डिडवानिया, संजय कंदोई, दिनेश परनामी आदि ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ नगर भ्रमण करते हुए जनकपुरी में अपनी मौसी के घर आते हैं। हमने भी इसी मान्यता के अनुरूप भगवान जगन्नाथ को नगर भ्रमण करवाया और फिर गंज स्थित जनकपुरी में प्रतिमाओं को स्थापित किया है। अब जनकपुरी में आगामी 28 जून तक धार्मिक कार्यक्रम होंगे। 28 जून को पुन: भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को जगदीश पुरी मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इन सात दिनों में जनकपुरी में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रमों के पश्चात प्रसाद का वितरण भी होगा।