बोली टालने वालों के विरुद्ध हो कार्रवाई : सिंघवी
छीपाबड़ौद . पूर्व मंत्री व छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने ग्राम पंचायत जैपला में बोली टालने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों के द्वारा राज्य सरकार राहत के नाम पर आफत खड़ा कर रही है। छबड़ा की ग्राम पंचायत जैपला में मंदिर माफी की जमीन को मुनाफा काश्त पर फसल करने के लिए सोमवार को नीलामी की बोली नोटिस क्रमांक भू.अ/23/2092-94 दिनांक 10.06.2023 के अनुक्रम में लगाई गई थी। नीलामी स्थल पर अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायत के लोग नीलामी में बोली लगाने के लिए पहुंच गए थे। पर तहसीलदार छबड़ा ने माफियाओं के दवाब में अचानक बोली को रोक दिया। ग्राम पंचायत जैपला के सरपंच अमरपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन ने बोली रोक दी है और मंगलवार को बोली लगाने की बात कह रहे है। विधायक सिंघवी का कहना है कि ग्राम पंचायत व अन्य लोग भीषण गर्मी में इकट्ठे हुए और तहसीलदार ने बोली टाल दी, इससे शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता। 12 जून को नियत बोली में बोलीदार संग्राम सिंह पुत्र दौलतसिंह राजपूत निवासी जैपला, शिवराजसिंह पुत्र बाबूसिंह जाति राजपूत निवासी जैपला और जैकी राजपूत पुत्र राजाबाबू जाति राजपूत निवासी जैपला द्वारा अमानत राशि 10000-10000 रूपये भी जमा करा दी गई है, जिसकी पावती संबंधित को दी गई है। बोली को दूसरे दिन नियत करने के बावजूद बोलीदारों द्वारा जमा कराई गई अमानत राशि के बारे में कुछ नहीं बताया गया कि वह राशि कब लौटाई जायेगी अथवा उसका क्या होगा। इस तरह राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बोलीदार एवं आमजन की उपस्थिति में एवं उनकी भावना के विपरीत कार्य किया। तहसील प्रशासन ने नियत बोली को टालकर नियम विरुद्ध कार्य किया है। सिंघवी ने बोली को रुकवाने व टालकर अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।